'कुन फ़यकुन' आमिर हमज़ा का पहला कविता-संग्रह है. उन्होंने रज़ा फ़ाउंडेशन के 'आज कविता' सहित कई प्रतिष्ठित मंचों पर कविता-पाठ ...
एक अर्थ में यह प्रतिमा आज के भारत में उभरती सत्तावादी शासन-व्यवस्था के ‘ग्राउंड ज़ीरो’, उस मूल स्थल पर खड़ी दिखाई देती है, ...
सरकार की तथाकथित 'ड्रग्स के ख़िलाफ़ जंग' में एनसीबी जैसी जांच एजेंसियों को व्यापक और असाधारण शक्तियां दे दी हैं. राज्य की ...
अपनी स्थापना के एक साल के अंदर ही दलित पैंथर्स ने आरएसएस को महाराष्ट्र में ब्राह्मणवादी दमन का मुख्य प्रतीक बना दिया था. इसके ...
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